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दोस्तो पीरियड्स की समस्या कोई नई समस्या नहीं है। 80 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स को लेकर हमेशा परेशान रहती हैं। प्राकृतिक तौर पर देखा जाए तो जब किसी महिला की उम्र 35 साल से ज्यादा होती है तो उसके पीरियड का साइकल धीरे धीरे बड़ा होना शुरू हो जाता है। पीरियड्स की ब्लडिंग धीरे धीरे कम होनी शुरू हो जाती है और इसी तरीके से जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ती है एक समय ऐसा आता है कि पीरियड आने पूरी तरीके से बंद हो जाते हैं और उस कंडीशन को कहा जाता है मीनोपॉज।





आम तौर पर मीनोपॉज की जो उम्र होती है वो होती है 45 साल के बाद की। लेकिन आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि कम उम्र की महिलाओं में पीरियड्स बंद होने की समस्या आने शुरू हो गई है और रुके हुए पीरियड्स को शुरू करने के लिए महिलाएं टैबलेट्स का सहारा लेती हैं दवाइयों का सहारा लेती हैं





लेकिन उस समय के लिए तो उनको आराम मिल जाता है लेकिन आगे चल करके उनको बहुत ज्यादा परेशानी हो जाती है। दोस्तो पीरियड्स का आना एक नैचरल प्रोसेस है इसलिए पीरियड्स हमेशा नैचुरली आना चाहिए ना कि किसी दवाई को लेने के बाद





रुके हुए पीरियड्स लाने का घरेलू उपाय




रुके हुए पीरियड्स लाने का घरेलू उपाय





आज मैं आप लोगों को 2 ऐसे खास तरीके बताने वाला हूं जिनसे कि आप अपने रुके हुए पीरियड्स शुरू कर सकते हैं। पीरियड्स से रेगुलर आते हैं तो आना शुरू हो जाएंगे। ब्लडिंग की प्रॉब्लम है तो वो भी ठीक हो जाएगी।





दोस्तो पीरियड्स ना आने की या पीरियड्स रेगुलर होने के कुछ खास कारण होते हैं जिसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स की प्रॉब्लम आती है। हर महिला को इसके बारे में जरूर पता होना चाहिए। अगर आपको पता होगा कि आपको पीरियड्स की प्रॉब्लम किस कारण से हो रही है तो आप उसका सही तरीके से इलाज कर सकते हैं





इसलिए पहले मैं आपको कुछ एक खास कारण बताने वाला हूं जिनकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स की प्रॉब्लम आती है।









  1. सबसे पहला कारण अंडरवेट यानी कि वजन कम होना। अगर किसी लड़की या महिला का। उसकी लंबाई के अकॉर्डिंग वजन कम होगा तो उसको पीरियड्स के प्रॉब्लम होगी उसके पीरियड्स खुल करके नहीं आएंगे या फिर ये भी हो सकता है कि उसके पीरियड्स दोनों तीन तीन महीने तक न आएं।




2. दूसरा कारण है महिलाओं में हीमोग्लोबिन का कम होना या फिर आम भाषा में कहें तो खून का कम होना किसी भी स्वस्थ महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन की जो मात्रा होती है वो 12 ग्राम से लेकर के साढ़े 15 ग्राम के बीच में होती है। अगर 12 ग्राम से कम है तो उस महिला के पीरियड्स खुल करके नहीं आएंगे। या फिर ये भी हो सकता है कि इसके पीरियड्स दो 3 महीने तक नहीं आए।





3. तीसरा कारण है PCOD या PCOS पीसीओडी का मतलब है





  • PCOD का मतलब है PCOD (Polycystic Ovarian Disease)
  • PCOS का मतलब है Polycystic ovary syndrome (PCOS)




ये दोनों बीमारी वैसे तो एक ही होती हैं बस इनके नाम अलग अलग हैं। ये बीमारी जिन महिलाओं को होती है उसकी पहचान के लिए महिलाओं के शरीर पर अनचाहे बाल आ जाते हैं जैसे उनके दाढ़ी मूंछ शरीर का वजन बढ़ जाता है पीरियड्स रैगुलर हो जाते हैं या फिर पीरियड्स कई दिन तक नहीं आते।





4. चौथा कारण पीरियड्स लाने वाली दवाई का इस्तेमाल करना कुछ लड़कियां या कुछ महिलाएं क्या करती हैं कि समय से पहले अपने पीरियड्स को लाने के लिए या फिर पीरियड्स की डेट को आगे बढ़ाने के लिए दवाई का इस्तेमाल करती हैं जिस कारण से उनके और हार्मोन इन बैलेंस हो जाते हैं और उनको पीरियड्स के प्रॉब्लम आनी शुरू हो जाती है।





5. पांचवा कारण ज्यादा हैवी एक्सरसाइज करना। कुछ महिलाएं या कुछ लड़कियां ज्यादा हैवी एक्सरसाइज करती हैं अपने शरीर को बहुत ज्यादा थका देती हैं जिस कारण से उनके हार्मोन्स इन बैलेंस हो जाते हैं और उनको पीरियड्स की प्रॉब्लम आनी शुरू हो जाती है।





6. छठा कारण फास्ट फूड जंक फूड का ज्यादा इस्तेमाल करना देर रात तक जागना और सुबह देर तक सोना। इस कारण से भी महिलाओं के पीरियड्स के प्रॉब्लम आनी शुरू हो जाती हैं।





ये सारे कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स की प्रॉब्लम आती है।





2 तरीके पीरियड्स को स्टार्ट कर सकते हैं





अब बात करते हैं उन दो तरीकों के बारे में जिनसे आप अपने रुके हैं पीरियड्स को स्टार्ट कर सकते हैं और उसको नैचुरली रेग्यूलर भी कर सकते हैं।





  1. पहला तरीका दोस्तो गाजर के बीज की चाय 10 तो गाजर के बीज की चाय बनाने के लिए आपको गाजर के बीज की जरूरत पड़ेगी। गाजर के बीज आपको आसानी से किसी भी पंसारी की दुकान पर मिल जाते हैं। आयुर्वेदिक मेडिसिन शॉप में मिल जाते हैं ये आपको किसी किराने की शॉप पर भी मिल जाएंगे और इसके अलावा आप इसे ऑनलाइन भी परचेज कर सकते हैं बहुत ही आसानी से मिल जाते हैं। ज्यादा महंगी भी नहीं होतीं हैं।








दोस्तो गाजर के बीज की चाय बनाने के लिए आपको 1 लीटर पानी लेना है और उसके बाद उसमें एक बड़ा चम्मच गाजर के बीज आपको डाल देने हैं। इसके बाद उसको ढक करके अच्छी तरीके से उबालना है और तब तक उबालना जब तक कि ये पानी आधा ना हो जाए। आधा होने के बाद आपको इसको छान लेना है और छान कर के किसी साफ बर्तन में ढककर रख देना है और इसके बाद आपको सुबह और शाम एक एक कप गुनगुना करके इसको पीना है और इस तरीके से आपको दो दिन के अंदर अंदर यह पूरा खतम कर देना है। कुछ महिलाओं को तो पहले दिन ही पीरियड्स आजाते हैं। कुछ महिलाओं में हो सकता है दो से तीन दिन में पीरियड्स आए। तो अगर आपके पीरियड 2 दिन में नहीं आते हैं तो आप दोबारा से एक लीटर पानी में और बनायें इसको दो दिन और इस्तेमाल करें और जब आपके पीरियड आ जाएं हैं तो आप इसका इस्तेमाल बंद कर दें।









2. दूसरा तरीका है मसाज दोस्तों फर्टिलिटी मसाज भी महिलाओं को पेट के निचले हिस्से की मसाज करनी होती है। फर्टिलिटी मसाज जितना तरीका है इसको करने के बाद सालों से रुके हुए पीरियड आने शुरू हो जाते हैं। जिन महिलाओं को सिर्फ दवाई लेने से ही पेरेंट्स आते हैं वो मसाज करती हैं तो एक समय ऐसा आता है कि उनको दवाई लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं। उनके पीरियड नैचुरली हर महीने खोल कर के आने शुरू हो जाते हैं।


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