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अजवाइन के फायदे और सावधानियां। आइए जानते हैं इसके बारे में भारतीय खानपान में अजवाइन का प्रयोग सदियों से होता रहा है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन को दुरुस्त रखती है। यह कब्ज, पेट आदि को साफ रखती है। सीने के दर्द को कम करता है। किडनी रोग के लिए फायदेमंद होती है। साथ ही हिचकी जी मचलाना थकान बदहजमी मूत्र का रुकना पथरी आदि बीमारी के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है। 





अजवाइन का पौधा









अजवाइन का पौधा आम तौर पर पूरे भारत में पाया जाता है लेकिन पश्चिम बंगाल दक्षिण प्रदेश और पंजाब में ज्यादातर पाया जाता है लेकिन पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा होता है। अजवाइन के जो पौधे होते हैं वह दो तीन फुट ऊंचे और उनके पत्ते जो होते हैं वो छोटे आकार के कटीले होते हैं। डालियों पर सफेद फूल के गुच्छे होते हैं जो पककर व सूख जाने पर अजवाइन के दानों में परिवर्तित हो जाते हैं ये दाने ही हमारे घर में मसाले के रूप में और औषधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं। अजवाइन का रंग भूरा काला मिला हुआ होता है। इसका स्वाद तेज और चर चरा तरह होता है। अजवाइन एक प्रकार का बीज है जो अजमोद के समान होता है। 









इसका स्वभाव गर्म और खुश्क परवर्ती की होती है। अजवाइन की रासायनिक संरचना में आद्र्रता जो नमी होती है वह 7.4 प्रतिशत की होती है। कार्बोहाइड्रेट 24.6 प्रतिशत होती है और वसा 21.8 प्रतिशत होती है। प्रोटीन 70.1 प्रतिशत होती है और खनिज 7. 9 प्रतिशत होती है। कैल्सियम फास्फोरस लौह फास्फोरस पोटेशियम सोडियम फ्लेमिंग सामी निकोटीन। ये सारे ऐसिड अल्प मात्रा में होते हैं। आंशिक रूप से आयोडीन शर्करा, कैरोटीन और सिर तेल 14.8 प्रतिशत होता है। 





हम आपको बताएंगे कि अजवाइन के क्या क्या फायदे हैं। 





पेट के कीड़े





सबसे पहले अगर आपके पेट में कीड़ा हो गया है तो ये बहुत ही फायदेमंद है। अजवायन के लगभग आधा ग्राम चूर्ण में इसी के बराबर मात्रा में काला नमक मिलाकर सोते समय गर्म पानी के साथ बच्चे को पिला दीजिए। इससे बच्चे के पेट के जो कीड़े हैं वह मर जाएंगे। 





गठिया





अगर आपको गठिया है तो यह गठिया के लिए भी फायदेमंद है। जोड़ों के दर्द में यह बहुत ही फायदेमंद होता है। जोड़ों के दर्द में पीड़ित स्थानों पर अजवाइन के तेल की मालिश करने से आपको राहत मिलती है। गठिया के रोगी को अजवाइन के चूर्ण की पोटली बनाकर अगर गठिया में जिस जगह पेन गठिया हो वहां पर सीखने से रोगी को दर्द में आराम पहुँचता है।





मिट्टी या कोयला खाने की आदत





 मिट्टी या कोयला खाने की आदत है तो एक चम्मच अजवाइन का चूर्ण रात को सोते समय नियमित रूप से तीन हफ्ते तक खिलाएं। इससे बच्चे की मिट्टी खाने की आदत छूट जाएगी। अगर आपके पेट में दर्द है तो पेट दर्द होने पर एक ग्राम काला नमक और 2 ग्राम अजवाइन गरम पानी के साथ सेवन करने से फायदा होता है।





स्त्री रोगों में भी फायदेमंद





 स्त्री रोगों में भी फायदेमंद है। प्रसूता जो स्त्री बच्चे को जन्म दे चुकी है उसे एक चम्मच अजवाइन और दो चम्मच गुड मिलाकर दिन में तीन बार खिलाने से कमर का दर्द दूर हो जाता है और गर्भाशय की शुद्धि होती है साथ ही साथ भूख भी लगती है। शारीरिक शक्तियों में भी वृद्धि होती है तथा मासिक धर्म की अनेक परिस्थितियों में छुटकारा भी मिलता है। 





खांसी में भी फायदेमंद





अगर आपको खांसी है तो एक चम्मच अजवाइन को अच्छी तरह चबा कर गर्म पानी का सेवन करने से आपको लाभ होगा। अजवाइन के रस में एक चुटकी काला नमक मिलाकर सेवन करें और ऊपर से गुनगुना पानी पी लें। इससे आपकी खांसी बंद हो जाएगी। 





बच्चे अगर बिस्तर पर पेशाब करते हैं





बच्चे अगर बिस्तर पर पेशाब करते हैं तो सोने से पहले एक ग्राम अजवाइन का चूरन कुछ दिन तक नियमित रूप से बच्चे को खिलाना चाहिए। बच्चा बिस्तर पर पेशाब करना बंद कर देगा। 





अगर आपको बार बार पेशाब आ रहा है अजवाइन और तिल मिलाकर खाने से बहुत मूत्र रोग ठीक हो जाता है। 





मुंहासे





मुंहासे आने पर दो चम्मच अजवाइन को चार चम्मच दही में पीसकर रात में सोते समय पूरे चेहरे पर लगाने से बहुत अच्छा फायदा होता है। इसे लगाकर रहने दें और अगले दिन सुबह गर्म पानी से फेश वॉश कर लें। 





दांतों में दर्द





अगर आपको दांतों में दर्द है तो। पर अजवाइन का तेल लगाएं। एक घंटे बाद गरम पानी में एक एक चम्मच पिसी अजवाइन और नमक मिलाकर कुल्ला करने से भी लाभ मिलता है। 





अपच





अपच होने पर भोजन के बाद नियमित रूप से एक चम्मच सेंधा नमक और अजवायन चबाएं तो अपच की समस्या दूर हो जाएगी। 





सिर में जूं





अगर आपके सिर में जूं है तो एक चम्मच फिटकरी और दो चम्मच अजवाइन को पीसकर एक कप छाछ में मिलाकर बालों की जड़ों में सोते समय लगाएं और सुबह वाश कर लें। इससे सिर में होने वाले जूं मरकर बाहर निकल जाएंगे। 





स्त्री बांझपन





अगर कोई स्त्री बांझपन की शिकार है तो मासिक धर्म के आठवें दिन से रैगुलर अजवाइन और मिश्री 25-25 ग्राम की मात्रा में लेकर 125 ग्राम पानी में रात्रि के समय एक मिट्टी के बर्तन में भिगो दीजिए और सुबह ठंडाई की तरह इसे पीस कर सेवन करें। भोजन में मूंग की दाल और रोटी बिना नमक के खाएं। इस प्रयोग से गर्भ धारण हो जाता है। 





मच्छर से परेशान





अगर मच्छर से परेशान है तो अजवाइन पीसकर बराबर मात्रा में सरसों के तेल में मिलाकर उसके गट्टे के टुकड़े को भिगोकर कमरे के चारों तरफ में लटका देने से मच्छर घर से भाग जाते हैं। 





पाचक चूर्ण





ये बहुत बड़ा पाचक चूर्ण है। अजवाइन और हरड़ को बराबर मात्रा में लेकर हींग और सेंधा नमक मिलाकर स्वादानुसार मिलाकर अच्छी तरह से पीस कर सुरक्षित रख लीजिए। खाने के बाद एक एक चम्मच गर्म पानी के साथ लीजिए। 





सिर में दर्द





सिर में दर्द होने पर भी अजवाइन के पत्तों को पीसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से सर का दर्द दूर हो जाता है। 





कान का दर्द





कान का दर्द दस ग्राम अजवाइन को 50 मिलिलीटर तिल के तेल में पकाकर सहने योग्य गरम तेल को दो दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है। 





सर्दी जुकाम





सर्दी जुकाम में पुदीने का चूर्ण 10 ग्राम अजवायन 10 ग्राम देसी कपूर 10 ग्राम इन तीनों को मिला कर शीशी में मिक्स कर लें और इसे अच्छी तरह से पैक करके आप धूप में रख दें। थोड़ी देर बाद ये तीनों चीजें गल जाएंगी। इसके बाद इसे आप दो तीन बूंद रूमाल में लगाकर या फिर 8-10 बूंद गर्म पानी में डालकर भाप लेने से सर्दी जुकाम तुरंत ठीक हो जाता है। 





बवासीर





अगर बवासीर है तो देसी अजवाइन, जंगली अजवाइन और खुरासानी अजवाइन तीनों को पीसने के बाद मक्खन में पीसने के बाद मस्सों पर लगाएं। इसको लगाने से कुछ ही दिनों में मस्से खत्म हो जाएंगे। 





गुर्दे में दर्द





अगर आपको गुर्दे में दर्द है तो तीन ग्राम अजवायन का चूर्ण सुबह शाम गरम दूध के साथ लेने से गुर्दे के दर्द में लाभ मिलता है। 





शरीर पर चकत्ते





अगर पित्त उछलते है जो शरीर में चकते चकते हो जाते हैं तो उसमें 50 ग्राम अजवाइन को 50 ग्राम गुड़ के साथ अच्छी प्रकार कूटकर पांच या छह ग्राम की गोली बना ले। एक एक गोली सुबह या शाम ताजे पानी के साथ लेने से एक सप्ताह में ही तमाम शरीर में फैली हुई पित्ती दूर हो जाएगी। 





तो दोस्तो ये अजवायन के फायदे।





अजवाइन के लिए कुछ सावधानियां





लेकिन अजवाइन के लिए कुछ सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। किसी भी चीज की अति हमेशा नुकसान करता है। अजवायन के लिए भी कुछ सावधानियां आपको बरतनी पड़ेगी। अजवाइन पित्त प्रकृति वालों में सिरदर्द पैदा करता है और दूध कम करता है। अजवाइन ताजी लेनी चाहिए क्योंकि पुराने हो जाने पर इसका तैलीय अंश नष्ट हो जाता है और ये फायदेमंद नहीं रहता है। काढ़े के स्थान पर रस का प्रयोग करना भी बेहतर है। अजवायन के ज्यादा प्रयोग से सिरदर्द की समस्या हो सकती है 





तो ये सावधानियां बरतनी है।


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